आज दिनांक 24 अगस्त को अपराह्न 2 बजे dr श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के कॉन्फ्रेंस हॉल में कुलपति dr तपन कुमार शांडिल्य की अध्यक्षता में सिंडिकेट की 19 वीं बैठक आयोजित की गई। इसके तहत कुलपति की अध्यक्षता में सिंडिकेट के सदस्यों ने सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण एजेंडो को अपनी सहमति प्रदान की। बैठक के प्रारंभ में सर्वप्रथम 20 मई 2024 को संपन्न 18 वीं सिंडिकेट की बैठक में प्रस्तुत एजेंडों की संपुष्टि की गई। इस अभिषद की बैठक के संबंध में कुलपति dr तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि इस सिंडीकेट का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा था, झारखंड सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत संशोधित सिलेबस जो विभाग के द्वारा विश्वविद्यालय के पास स्वीकृति के लिए प्रेषित किया गया था उसे सिंडीकेट के सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया गया। इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा, जो नई शिक्षा नीति के तहत ड्यूल डिग्री प्रोग्राम और मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट से संबंधित प्रस्ताव को भी सिंडीकेट के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। कुलपति dr तपन कुमार शांडिल्य ने इस प्रस्ताव के संबंध में और अधिक विस्तार से बताते हुए कहा कि आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में सदस्यों के मध्य एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट पर विस्तार से चर्चा के बाद यह जानकारी प्राप्त हुई की परीक्षा विभाग के द्वारा इस क्रेडिट सिस्टम से संबंधित डीजी लॉकर सत्र 2023 तक अपडेट कर लिया गया है जो विद्यार्थियों के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट के लिए काफी उपयोगी रहेगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति की खासियत यह है कि अगर विद्यार्थी नई शिक्षा नीति में चार वर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत अगर 1 वर्ष के उपरांत भी उस पाठ्यक्रम से एक अंतराल तक अलग रहता है तो भी उस एक वर्ष का एकेडमिक क्रेडिट उसके पास रहेगा जो उसके अगले नामांकन के समय उसकी पूंजी रहेगी। कुलपति ने कहा इसी संदर्भ में अन्य मुद्दों के तहत सिंडीकेट सदस्यों के आपसी संवाद के दौरान विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह को दिसंबर 2024 में आयोजित कराएं जाने पर भी सहमति बनी और यह तय किया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा अभी से ही उसकी तैयारी की जानी चाहिए । कुलपति dr तपन कुमार शांडिल्य की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सिंडीकेट की सदस्य सचिव के तौर पर कुलसचिव dr नमिता सिंह , dr कुनुल कांदिर, आमंत्रित सद्स्य , परीक्षा नियंत्रक dr आशीष गुप्ता, सिंडीकेट सदस्यों के तौर पर डीन , सोशल साइंस और भूगोल के विभागाध्यक्ष dr सर्वोत्तम कुमार, प्रॉक्टर dr पंकज कुमार, इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो राजेश कुमार सिंह और हिंदी के विभागाध्यक्ष dr जिंदर सिंह मुंडा शामिल थे।









