बाबूलाल मरांडी की संकल्प यात्रा शुरू हो रही है यह यात्रा 17 अगस्त लेकर 18 अक्टूबर तक होगी। यह यात्रा कई विधानसभा से होकर गुजरेगी। बाबूलाल मरांडी ने कहा हम राज्य में घूम- घूम कर लोगों को यह बतायेंगे उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेंगे। संकल्प यात्रा का जिक्र करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, सिदो कान्हू ने जहां अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लिया था। उसी जगह से संकल्प यात्रा शुरू हो गयी भोगनाडीह से। सत्ता में बैठे लोग आदिवासी के नाम पर आंदोलन कर रहे हैं। भ्रष्टाचार भी राज्य में इस कारण से है कि आदिवासी मुख्यमंत्री होकर आदिवासियों को खूब लूटा है औऱ नाम बदल- बदल कर लूटा है। राज्य का मुख्यमंत्री ही अगर इस प्रकार का हो तो वहां तो लूटरे, अपराधी भी फले फूलेंगे।
सीएम पर भड़कते हुए कहा इन्हें जेल भेज देना चाहिए
बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोरेन राजपरिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि, सीएम सोरेन और उनका परिवार आदिवासियों की जमीन लूट रहा है. बाबूलाल ने सीएम पर भड़कते हुए कहा, भोले-भाले आदिवासियों को लूटने वाली सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए और इन्हें जेल भेज देना चाहिए.
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार नाम बदलकर अदिवासियों की जमीन को लूट रहा है. उन्होंने आगे कहा कि, रांची के दहरु मुंडा नाम के एक आदिवासी की जमीन 2002 में हेमंत सोरेन ने हेमंत कुमार सोरेन के नाम से खरीदी थी. बता दें कि, यह सिर्फ रांची में नहीं बल्कि पूरे झारखंड में हो रहा है. संथाल परगना में जमीन खरीद के मामले में मुख्यमंत्री के पिता शिबू सोरेन ने शिव कुमार सोरेन बनकर जमीन खरीदी थी.
ईडी के बुलावे पर जाकर अपनी बात रखें
बाबूलाल मरांडी ने कहा, ये कैसा आदिवासी परिवार है जो आदिवासियों की ही जमीन ही लूट रहा है. कैसा आदिवासी मुख्यमंत्री है जो आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहा है. उन्होंने बताया कि, ऐसे कई उदाहरण है जिसके जरिए सोरेन परिवार ने कई बड़ी संपत्ति खड़ी की है. आगे बाबूलाल मरांडी ने रांची जमीन घोटाले को लेकर कहा कि, जमीन लूट में फंसने का डर अब मुख्यमंत्री को सता रहा है, जिस कारण ईडी के बुलावे पर भी मुख्यमंत्री नहीं जा रहे हैं. साथ ही महंगे वकीलों को हायर करने लगे हैं. अगर सीएम ने कुछ गलत नहीं किया है तो ईडी के बुलावे पर जाकर अपनी बात रखें.










