आज दिनांक 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न टीमों की भागीदारी रही। प्रतियोगिता का उदघाटन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति प्रो डॉक्टर तपन कुमार शांडिल्य के द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय खेल दिवस की स्थापना भारत के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए की गई थी। यह दिन, 29 अगस्त, मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिसमें खेल में उनके योगदान को दर्शाया जाता है। ध्यानचंद को खेल में उनके असाधारण कौशल और उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि आज अगर खेलों की बात की जाए तो खेलों के माध्यम से जो स्पष्ट संदेश समाज में दिया जा सकता है वह है, सहयोग और सामूहिकता की भावना के विकास का। किसी भी खेल में एक टीम के तौर पर ही उसका अंतिम परिणाम और प्रदर्शन निर्भर करता है जो यह स्पष्ट संदेश देता है कि न सिर्फ खेल बल्कि सामाजिक जीवन में भी हमें सहयोग और भाईचारे की भावना से ही सफलता प्राप्त हो सकती है ।

उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं को शामिल कर वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आज आयोजित इस
वॉलीबाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की एवं द्वितीय स्थान पर b.Ed विभाग की वॉलीबाल टीम रही। विजेता और उप विजेता दल को कुलपति dr तपन कुमार शांडिल्य और खेल निदेशक dr अभय सागर मिंज के द्वारा विजेता ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया । इस अवसर पर खेल निदेशक, dr अभय सागर मिंज, पीटीआई परमेश्वर महतो और पीटीआई कुमारी प्रिया सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। यह जानकारी पीआरओ प्रो राजेश कुमार सिंह ने दी ।










