झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड वासियों को प्रकृति पर्व करम की हार्दिक बधाई दी है। करम पर्व झारखंड के आदिवासी समुदाय का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो प्रकृति और कृषि से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है। उन्होंने सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “प्रकृति पूजा करम पर्व के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार! यह पर्व आप सभी के जीवन में खुशियां लाए, आप सभी स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहें, यही कामना करता हूं। जय जोहार! करम जोहार!”

जनता ने मुख्यमंत्री के इस संदेश का स्वागत किया और करम पर्व को धूमधाम से मनाया। रांची के सभी अखरा को फूल माला और रंग बिरंगे लाइट से सजाया गया। बहनें अपने भाईयों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और करम देवता की पूजा करती हैं। इस पर्व पर लोग पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से उत्सव मनाते हैं। करम पर्व के दौरान, आदिवासी समुदाय के लोग अपने खेतों में अच्छी फसल की कामना करते हैं और प्रकृति के साथ अपने संबंध को मजबूत करते हैं। पिछले साल भी करम पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया था, और इस साल भी लोगों में वही उत्साह देखने को मिला।










