Dr श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में आवश्यकता आधारित शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस संदर्भ में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो dr तपन कुमार शांडिल्य का कहना है कि इस नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने से पूर्व चार महत्वपूर्ण बिंदुओं का निर्धारण करना आवश्यक था। सर्वप्रथम यह चिन्हित किया गया कि प्रत्येक विषय में नीड बेस्ड टीचरों के रिक्त पदों की संख्या क्या है। इसमें यह पाया गया कि लगभग प्रत्येक विभागों में 10 प्रतिशत ही रिक्त पदों की संख्या है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह निर्धारित करने की थी कि पारंपरिक और वोकेशनल पाठ्यक्रमों की निर्धारित अहर्ता को संज्ञान में रखते हुए रिक्त पदों के लिए विज्ञापित कर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करना। विश्वविद्यालय ने इसे चिन्हित कर इन सारी प्रक्रियाओं को पूरा कर रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए।
इसके उपरांत प्राप्त सभी विषयों के आवेदनों की स्क्रूटनी करते हुए सभी विषयों में अहर्ता प्राप्त उम्मीदवारों के अकादमिक अंकों की सूची को विषयवार विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर जारी कर दिया गया ऐसा उनके द्वारा प्राप्त उनके सर्टिफिकेट आधार पर किया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इन विषयों में जूलॉजी, सोशियोलॉजी, गणित, हिंदी, इतिहास, भूगोल, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, नागपुरी, एमबीए इत्यादि है।
इन सारी प्रक्रियाओं के उपरांत अब अंतिम प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय के द्वारा साक्षात्कार का आयोजन कर इन सारे विषयों में आवश्यकता आधारित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया एक माह के अंदर पूरी कर लिए जाएगा। इस संबंध में यह बताना आवश्यक होगा कि इस चरण में आगामी 19 सितंबर से एमबीए, इतिहास आदि विषयों के लिए साक्षात्कार का आयोजन किया जाना है, जिसकी आधिकारिक सूचना संबंधित विषयों के अभ्यर्थियों को प्रेषित की जा चुकी है। यह संपूर्ण नियुक्ति प्रक्रिया एक माह के अंदर पूरी कर ली जाएगी ताकि विश्वविद्यालय के अकादमिक गतिविधियों का संचालन तेजी से किया जा सके।










