झारखंड सरकार ने राज्य में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय रविवार, 22 सितम्बर को सुबह 4 बजे से शाम 3:30 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान राज्यभर में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी, जिससे लोग इंटरनेट से संबंधित किसी भी सेवा का उपयोग नहीं कर पाएंगे। सरकार ने यह कदम सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है।

सरकार के इस निर्णय पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोग इसे आवश्यक कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे असुविधाजनक और अनावश्यक मानते हैं। व्यापारियों और छात्रों ने विशेष रूप से इस निर्णय पर नाराजगी जताई है, क्योंकि इंटरनेट सेवाओं के बंद होने से उनके कामकाज और पढ़ाई पर असर पड़ेगा।
उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और सरकार से इस निर्णय के पीछे के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। न्यायालय ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि इंटरनेट सेवाओं के बंद होने से आम जनता को कम से कम असुविधा हो। सरकार ने आश्वासन दिया है कि यह निर्णय अस्थायी है और स्थिति सामान्य होते ही इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। जनता को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान अपने कार्यों की योजना पहले से बना लें और आवश्यक तैयारियां कर लें।










