पश्चिम बंगाल में हाल ही में आई बाढ़ ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। इस बाढ़ का मुख्य कारण झारखंड के बांध से पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है। झारखंड ने अपने बांध को संयुक्त समिति के दायरे में लाने से इनकार कर दिया है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। यह घटना हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद सामने आई, जब पश्चिम बंगाल के कई जिलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की है। झारखंड सरकार का कहना है कि बांध से पानी छोड़ना आवश्यक था, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार का आरोप है कि झारखंड ने बिना पूर्व सूचना के पानी छोड़ा, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस और प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
इस बाढ़ ने जनता में गहरी चिंता और नाराजगी उत्पन्न की है। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ी हुई है। कई लोग झारखंड सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्राकृतिक आपदा मान रहे हैं। इस विवाद ने दोनों राज्यों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है और जनता को जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद है।









