झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में पेपर लीक मामले की जांच में एक नया मोड़ आया है। जांच के दौरान साक्ष्य के लिए मिली सीडी खाली पाई गई, जिससे जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। आयोग ने अब पेन ड्राइव की मूल कॉपी तलब की है और कोचिंग संस्थानों व अभ्यर्थियों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह मामला तब सामने आया जब कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायत की थी।
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अब तक की जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, लेकिन साक्ष्य के रूप में मिली सीडी के खाली होने से जांच में देरी हो रही है। सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से काम कर रही हैं और जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया है और परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। जनता की भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। लोग सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने राज्य में शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।










