झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने हाल ही में ‘कब मिलेगा’ अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य जनता से किए गए वादों को याद दिलाना और उन्हें पूरा करने की दिशा में उठाए गए कदमों को उजागर करना है। यह अभियान 1 अक्टूबर 2024 को लॉन्च किया गया था, और इसका नेतृत्व JMM के प्रमुख हेमंत सोरेन कर रहे हैं। इस अभियान के तहत, JMM ने विभिन्न जिलों में रैलियों और जनसभाओं का आयोजन किया है, जहां पार्टी के नेता जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं और उनके सवालों का जवाब दे रहे हैं।
सरकार का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को यह बताना है कि JMM ने अपने वादों को पूरा करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं और आगे क्या योजनाएं हैं। हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और वे जनता को इन कार्यों की जानकारी देना चाहते हैं। इसके अलावा, इस अभियान के माध्यम से JMM विपक्षी दलों पर भी निशाना साध रही है, जो सरकार पर वादों को पूरा न करने का आरोप लगा रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया इस अभियान को लेकर मिली-जुली रही है। कुछ लोग इसे एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जो सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाता है, जबकि कुछ लोग इसे महज एक राजनीतिक स्टंट मानते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस अभियान को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, जहां लोग अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। कुल मिलाकर, ‘कब मिलेगा’ अभियान ने झारखंड की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले समय में इसके प्रभाव को देखना दिलचस्प होगा।










