राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किशोर का कहना है कि मोदी ने देश की संपत्ति को गुजरात में मोड़ दिया है, जिससे अन्य राज्यों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। यह बयान उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने कई दस्तावेज और आंकड़े प्रस्तुत किए। किशोर का दावा है कि मोदी सरकार ने गुजरात को विशेष प्राथमिकता दी है, जिससे अन्य राज्यों को उनके हिस्से का विकास नहीं मिल पाया है।
सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकास मॉडल सभी राज्यों के लिए समान है और किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि गुजरात का विकास मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण है और इसे अपनाने से देश के सभी हिस्सों में समान विकास हो सकता है। उन्होंने किशोर के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह सिर्फ ध्यान आकर्षित करने का एक तरीका है।
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कई उदाहरण दिए, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे गुजरात को विशेष फंड और परियोजनाएं दी गईं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गुजरात में उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए अन्य राज्यों के फंड का उपयोग किया है। किशोर ने यह भी कहा कि अगर यह स्थिति जारी रही तो देश के अन्य हिस्सों का विकास रुक जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर स्पष्टता प्रदान करे और सभी राज्यों के विकास के लिए समान नीति अपनाए।










