झारखंड सरकार 3 मार्च को अपना पहला बजट पेश करेगी, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में होगा। इस बजट को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पेश करेंगे और राज्य की जनता की कई उम्मीदें इससे जुड़ी होंगी। बजट का मुख्य ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक क्षेत्र पर होगा। खासकर, ‘मंईयां सम्मान योजना’ के तहत बड़ी राशि खर्च की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और सामाजिक सुधार संभव हो सकेगा।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है। सरकार का मकसद ग्रामीण जनता के जीवन स्तर को सुधारना और आर्थिक रूप से उन्हें सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, सामाजिक क्षेत्र में सुधार के लिए भी सरकार प्रयासरत है। इस वित्तीय वर्ष के बजट का आकार 1.28 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 78,047 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण का लक्ष्य है। जनवरी तक 60 प्रतिशत राजस्व संग्रह हो चुका है, जबकि यह चुनावी वर्ष था।
वित्त मंत्री ने कहा कि आगामी बजट में जनता पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा और सरकार टैक्स चोरी रोकने के लिए भी सख्त कदम उठा रही है। इससे 7 से 8 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। राज्य के सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी सरकार काम करेगी। बजट की मॉनिटरिंग तीन महीने के अंतराल पर की जाएगी ताकि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो सके और जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।










