सरकार के विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों को अब एकमुश्त मानदेय मिलेगा। इसके तहत कर्मियों को सप्तम वेतन पुनरीक्षण में स्वीकृत पे मेट्रिक्स में अनुमान्य किए गए इंट्री पे आधारित मानदेय के साथ इंट्री पे पर 50 फीसदी महंगाई भत्ता और छठे वेतन पुनरीक्षण में स्वीकृत चिकित्सा भत्ता एवं परिवहन भत्ता (जहां अनुमान्य हो) भी दिया जाएगा। यह घोषणा सरकार द्वारा सभी विभागों में संविदा कर्मियों को वित्तीय लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है, जो उनके कार्य प्रदर्शन और जीवन स्तर में सुधार करने का प्रयास है।
वित्त विभाग के सचिव ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखकर इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, यह एकमुश्त मानदेय का लाभ उन संविदाकर्मियों को मिलेगा, जिनकी नियुक्ति 5 जुलाई 2002 के बाद हुई है। इसके अलावा, चयन में आरक्षण नियम का अनुपालन और समिति द्वारा संविदा के आधार पर नियुक्ति की अनुशंसा की गई हो, तब ही ये लाभ मिलेगा। यह कदम संविदा कर्मियों के आर्थिक स्थिरता और भत्तों की सुनिश्चितता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सरकार द्वारा संविदा कर्मियों को दिए जाने वाले एकमुश्त मानदेय के फैसले से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अपने कार्यों में अधिक समर्पण और प्रेरणा के साथ जुट सकेंगे। यह फैसला न केवल संविदा कर्मियों के वेतन में सुधार लाएगा, बल्कि उनके जीवन स्तर और कार्य संतुष्टि में भी वृद्धि करेगा। वित्त विभाग के इस कदम से संविदा कर्मियों को महंगाई भत्ता, चिकित्सा भत्ता और परिवहन भत्ता का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो उनकी वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाएगा।










