झारखंड सरकार ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को डिजिटल माध्यम से प्रचारित करने के लिए एक प्रभावशाली योजना की शुरुआत की है। इसके तहत सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स को झारखंड के पर्यटन स्थलों की रील बनाने पर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि झारखंड के 528 सूचीबद्ध पर्यटन स्थलों की अनमोल खूबसूरती, आदिवासी जीवनशैली, त्यौहारों और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पेश किया जाए। इस पहल के माध्यम से राज्य के पर्यटन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
रील बनाने की प्रक्रिया और मानकों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। रील्स में झारखंड की असली पहचान को उजागर करना होगा और कंटेंट में सकारात्मक संदेश होना चाहिए। क्रिएटर्स को केवल सूचीबद्ध स्थलों पर नई और प्रभावशाली रील बनाने की अनुमति होगी। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि रील का उपयोग का अधिकार उनके पास होगा लेकिन क्रिएटर को पूरा क्रेडिट दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कंटेंट में भ्रामक, नकारात्मक या झूठी जानकारी न हो, वरना सख्त कार्रवाई हो सकती है। इस योजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार ने रील्स बनाने वालों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की हैं। क्रिएटर्स को झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDCL) के होटलों में दो दिन का मुफ्त ठहराव और यात्रा की व्यवस्था दी जाएगी। इसके अलावा, वन विभाग और इको टूरिज्म प्राधिकरण का सहयोग भी दिया जाएगा। इस कदम से ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य के विकास में योगदान होगा।










