झारखंड अनुबंध महाविद्यालय शिक्षकेत्तर कर्मचारी मोर्चा ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आज राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांग स्थायी समायोजन की रही, जो अनुबंध कर्मियों के लिए स्थिर और सुनिश्चित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह मुद्दा लगभग दो-ढाई वर्षों से चर्चा में है। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका द्वारा 3 दिसंबर 2022 को जारी एक पत्र में स्पष्ट किया गया था कि पांच वर्षों या उससे अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मियों के स्थायीकरण पर विचार करने के लिए विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया था।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार और संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुबंध कर्मचारियों की सेवाएं न केवल संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि वे संस्थान की निरंतरता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। संविदा कर्मियों ने मांग की है कि उनकी स्थिति को स्थायी रूप से सुदृढ़ किया जाए, ताकि उन्हें न्याय और स्थायित्व मिल सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इससे उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधार होगा और प्रशासनिक सुगमता भी आएगी।
राजभवन के सामने हुए इस प्रदर्शन ने पूरे राज्य का ध्यान आकर्षित किया। संविदा कर्मियों ने अपनी बात को मजबूती से रखते हुए यह भी कहा कि उनकी मांग केवल न्याय की है और वे राज्य सरकार से अपेक्षा करते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा। यह प्रदर्शन संविदा कर्मचारियों के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का प्रतीक बन गया है।










