नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने राँची के बायोडायवर्सिटी पार्क एवं राँची-टाटा मार्ग स्थित नामकुम प्रखंड के हाहाप पंचायत में “STATUE OF STRENGTH” हेतु प्रस्तावित स्थल का किया निरीक्षण
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- भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा की जाएगी स्थापित, जानी जाएगी STATUE OF STRENGTH” से
- ”STATUE OF STRENGTH” बनेगा झारखंड की नई पहचान, माननीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने किया स्थल निरीक्षण
- बायोडायवर्सिटी पार्क में न्यूट्रीशन पार्क का होगा निर्माण
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रांची: नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री श्री सुदिव्य कुमार मंत्री ने कहा कि झारखंड में भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी जो “STATUE OF STRENGTH’ के नाम से जानी जाएगी और आने वाले समय में यह झारखंड के पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का नया केंद्र बनेगी। मंत्री श्री सुदिव्य कुमार शुक्रवार को राँची के बायोडायवर्सिटी पार्क एवं राँची-टाटा मार्ग स्थित नामकुम प्रखंड के हाहाप पंचायत में “STATUE OF STRENGTH” हेतु प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया ।

*“STATUE OF STRENGTH” के लिए पहाड़ी पर बनेगी भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा
मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने “STATUE OF STRENGTH” हेतु भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा के निर्माण के लिए हाहाप पंचायत क्षेत्र में विभिन्न स्थानों का दौरा किया और भगवान बिरसा मुंडा की विशाल प्रतिमा “STATUE OF STRENGTH” के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का निरीक्षण करते हुए बताया कि राँची-टाटा मार्ग के बगल स्थित एक विशाल पहाड़ी को इस परियोजना के लिए विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित परियोजना के तहत:-
मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के तहत पहाड़ी की चोटी पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो झारखंड की वीरता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगी साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में पार्क, कैफेटेरिया, पार्किंग और ऊपर चढ़ने हेतु सड़क का निर्माण किया जाएगा

स्थानीय महिलाओं को IHM (इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट) के माध्यम से दिया जाए आतिथ्य सेवा का प्रशिक्षण
बायोडायवर्सिटी पार्क निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने निर्देश दिया कि बायोडायवर्सिटी पार्क में एक न्यूट्रीशन पार्क का निर्माण किया जाए, जिसमें पर्यटकों के लिए विभिन्न आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों। इसके साथ ही स्थानीय महिलाओं को IHM (इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट) के माध्यम से आतिथ्य सेवा में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो।











