झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम (जेएसएफसी) ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब अनाज उठाने और वितरित करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाया जाएगा, जिससे उनकी गतिविधियों की निगरानी जिला और राज्य स्तर पर मौजूद कमांड कंट्रोल सेंटर से की जा सकेगी। इस निर्णय के तहत, वाहन कब गोदाम से निकला, किन रास्तों से गुजरा और डीलर तक कब पहुंचा—सभी जानकारी रियल-टाइम ट्रैकिंग के माध्यम से अधिकारियों को मिलेगी। अगर कोई वाहन तय रूट से हटेगा, तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी, जिससे गड़बड़ी और कालाबाजारी जैसी समस्याओं को रोका जा सकेगा।
इस योजना से राज्य में अनाज चोरी और वितरण में अनियमितता पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा। पहले ऐसी शिकायतें आती थीं कि अनाज ले जाने वाले वाहन रास्ते में ही माल उतार देते हैं, जिससे निर्धारित मात्रा में अनाज डीलर तक नहीं पहुंचता। अब जीपीएस सिस्टम की मदद से इन घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 23 मई निर्धारित की गई है। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि अनाज सही स्थान और सही समय पर पहुंचे, जिससे आम जनता को निर्बाध रूप से राशन उपलब्ध हो सके।
यह कदम खाद्य आपूर्ति प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और लोगों की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल है। झारखंड में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह प्रणाली भविष्य में भ्रष्टाचार और कालाबाजारी को रोकने में प्रभावी साबित हो सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि जरूरतमंद लोगों तक राशन बिना किसी बाधा के पहुंचे और इसका दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।










