- सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न: दुर्घटनाओं की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
गढ़वा। जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर पहल करते हुए मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव ने की। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, पथ प्रमंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

बैठक की शुरुआत जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने से हुई। इसके पश्चात उपायुक्त ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता अभियान केवल औपचारिकता न रहकर जनसामान्य तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और युवाओं में प्रारंभिक स्तर से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार की आदत विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जागरूक बनाना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगा।
बैठक के दौरान यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने सड़क किनारे आवश्यक संकेतकों की स्थापना, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लगातार वाहन जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर जिले में चल रहे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में शहरी क्षेत्र की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सड़कों की ऊंचाई के कारण उत्पन्न जल जमाव की समस्या को लेकर गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता सुशील कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सदर अस्पताल परिसर में वर्षा के दौरान होने वाले जल जमाव को दूर करने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि मरीजों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान को भी अत्यंत आवश्यक बताया और पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा को निर्देश दिया कि जिले के सभी ऐसे स्थलों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए तथा अगली बैठक में इन स्थलों की तस्वीरों के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर विशेष सुरक्षा उपाय लागू कर दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
बैठक में उपायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। *उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं की सूचना के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर तथा अन्य आपात स्थितियों के लिए 112 नंबर का उपयोग करने की अपील की, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।*
उन्होंने कहा कि यह बैठक न केवल प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि समन्वित प्रयास, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। गढ़वा जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर सक्रिय प्रयास कर रहा है, ताकि जिले में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।










