- उपायुक्त ने सोन–कनहर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की, लंबित कार्यों को ससमय पूर्ण करने का दिया निर्देश*
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में सोन–कनहर परियोजना को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, संबंधित एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर, विभागीय पदाधिकारी एवं परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा सोन–कनहर परियोजना के तहत अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने परियोजना के विभिन्न चरणों की प्रगति, निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की गति की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी के प्रतिनिधियों से कार्यों में आ रही समस्याओं एवं बाधाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि सोन–कनहर परियोजना क्षेत्र के विकास एवं आमजनों की सुविधा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि अपूर्ण पड़े कार्यों में आ रही सभी बाधाओं को शीघ्र दूर करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि परियोजना का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो सके।

उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने यह भी कहा कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में परियोजना के तहत अब तक संपन्न कार्यों, शेष कार्यों, तकनीकी आवश्यकताओं एवं स्थल स्तर पर आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिया कि कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से संबंधित समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए, ताकि कार्यों की सतत समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को समय पर पूर्ण करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।
उपायुक्त श्री मित्तल ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए परियोजना को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।










