- एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे उपायुक्त, व्यवस्थाओं की सराहना की
- ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में डीसी अनन्य मित्तल की पहल
- प्रशिक्षण के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर दें जोर:उपायुक्त
गढ़वा: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने सदर प्रखंड अंतर्गत चिरौंजिया स्थित भारत सरकार द्वारा संचालित एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान के वर्कशॉप, किचन, लैब, कैंटीन एवं छात्रावास का जायजा लिया तथा संस्थान की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संस्थान परिसर में सोलर पैनल लगाने हेतु जरेडा कंपनी को पत्र भेजने का निर्देश दिया। साथ ही, स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए संस्थान परिसर में पलाश मार्ट खोलने की बात कही, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों को बाजार उपलब्ध हो सके।

उपायुक्त ने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर वे सीधे जानकारी दें, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि संस्थान में अधिक से अधिक लोग प्रशिक्षण प्राप्त करें, इसके लिए JSLPS का सहयोग लिया जाए। यदि इसके बाद भी लाभुकों की संख्या कम रहती है, तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

डीसी ने कहा कि कैंटीन एवं वर्कशॉप की व्यवस्था अच्छी है, लेकिन इसे आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप और विकसित किए जाने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने बकरी पालन का प्रशिक्षण ले रहे प्रतिभागियों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षणार्थियों ने उपायुक्त को बताया कि पशुपालन योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि वेंडरों के खाते में जाने के बाद कई बार गुणवत्तापूर्ण पशु उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे लाभुकों को परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि लाभुकों को स्वयं पशु खरीदने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा मामले की जांच कराई जाए।
इस पर उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच विभागीय स्तर पर कराई जाएगी। उन्होंने संस्थान के निदेशक डॉ. संजय कुमार को निर्देश दिया कि गाय पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं सूकर पालन जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए, ताकि प्रशिक्षणार्थियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी मिल सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हो।
निरीक्षण के दौरान अग्रणी बैंक प्रबंधक सत्यदेव रंजन, फैकल्टी मिथिलेश कुमार सिंह, पंकज कुमार वर्मा, रुस्तम अली, अभिषेक तिवारी, प्रद्युम्न कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।










