- आत्मा शासकीय निकाय की बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की हुई व्यापक समीक्षा
- उपायुक्त ने सभी विभागों को लक्ष्य प्राप्ति एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश
गढ़वा। उपायुक्त-सह-अध्यक्ष आत्मा पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में आत्मा शासकीय निकाय की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों एवं कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विचारोपरांत सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक में कृषि, भूमि संरक्षण, गव्य विकास, पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि गढ़वा जिला राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में अपनी पहचान बनाए रखे।
*कृषि विभाग की योजनाओं, कृषक पाठशालाओं एवं एग्री क्लीनिक की हुई समीक्षा*
बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपायुक्त को दी। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को प्राप्त लक्ष्य एवं उसके विरुद्ध की गई उपलब्धियों से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि जिले में तीन कृषक पाठशालाओं का संचालन संबंधित संस्था के माध्यम से किया जा रहा है। इनमें मेराल प्रखंड के चामा, भवनाथपुर प्रखंड के बनसानी तथा रमना प्रखंड में कृषक पाठशाला का कार्य संचालित है, जहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाना है।

इसके अतिरिक्त कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों को तकनीकी सलाह उपलब्ध कराने हेतु स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से गढ़वा, नगर ऊंटारी एवं रंका में एग्री क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने बैठक में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, मिनी स्प्रिंकलर, ग्राउंडनट डेमोंस्ट्रेशन, आत्मनिर्भरता पल्स, नेशनल फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन मिशन के तहत खरीफ फसलों अरहर, उड़द, मूंग, मक्का, रागी एवं धान सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। साथ ही राज्य संपोषित योजना के अंतर्गत धान, उड़द, रागी, मक्का, तिल, अरहर एवं ग्राउंडनट से संबंधित कार्यक्रमों की भी समीक्षा करते हुए सभी विभागों को बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*भूमि संरक्षण, गव्य विकास, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा*
भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में सरकारी एवं निजी तालाबों के जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण, जलनिधि उपयोजना के अंतर्गत परकोलेशन टैंक निर्माण, डीप बोरिंग, पंपसेट वितरण, मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, रीपर, राइस ट्रांसप्लांटर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों के वितरण की योजनाओं पर कार्य किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान कृषक समूहों को मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के तहत ट्रैक्टर एवं सहायक कृषि यंत्र पैकेज उपलब्ध कराए जाने की प्रगति से भी उपायुक्त को अवगत कराया।

जिला गव्य विकास पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में गाय वितरण, मिल्किंग मशीन, पनीर एवं खोआ मेकिंग यूनिट, काऊ मैट यूनिट, हस्तचालित एवं विद्युत चालित चैफ कटर, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट तथा बोरिंग जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग को प्राप्त लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में प्राप्त लक्ष्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य योजना के अंतर्गत वेद व्यास आवास योजना, मत्स्य प्रसार, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान योजना, तालाब एवं जलाशय मत्स्य विकास, समेकित मत्स्य पालन, मछली-सह-बत्तख पालन, मत्स्य विपणन योजना तथा फीड आधारित मत्स्य पालन योजनाओं में संतोषजनक उपलब्धियां प्राप्त की गई हैं।
उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में कार्प हैचरी, नए ग्रो-आउट तालाब, बायोफ्लॉक तालाब, छोटे बायोफ्लॉक यूनिट, केज कल्चर, आइस बॉक्स युक्त मोटरसाइकिल एवं आइस बॉक्स युक्त तीन पहिया वाहन जैसी सभी स्वीकृत योजनाओं का कार्य पूर्ण किए जाने की जानकारी भी दी।
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना 2025-26 के अंतर्गत बकरा विकास योजना, सुकर विकास योजना, कुक्कुट पालन, बत्तख चूजा वितरण सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कुल 1866 लक्ष्य के विरुद्ध 1130 मामलों का अनुमोदन किया गया तथा 977 लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध करा दी गई है।
*सहकारिता विभाग, फसल बीमा योजना एवं सहकारिता सप्ताह की तैयारियों पर हुई चर्चा*
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत 100 मेगाटन एवं 500 मेगाटन क्षमता वाले गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ अंचलों से अब तक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन अंचलों द्वारा अब तक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है, उन्हें उपायुक्त स्तर से हस्ताक्षरित पत्र भेजकर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में PACS रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 195 पैक्स कार्यरत हैं, जो विभिन्न सहकारी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित कर रहे हैं।
बैठक में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2025 की भी समीक्षा की गई। इस योजना के अंतर्गत उगनी धान एवं बधाई मकई अधिसूचित फसलें हैं। गढ़वा जिले में कुल 1,23,239 किसानों का बीमा किया गया, जिनमें 29,886 ऋणी एवं 93,356 गैर-ऋणी किसान शामिल हैं। इनका कुल बीमित क्षेत्रफल 77,910.673 हेक्टेयर है। अंचलों से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर कुल 1,04,972 किसानों के 55,979.80 हेक्टेयर क्षेत्र के बीमा को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना में धान एवं मक्का की फसल शामिल है।
इसी प्रकार बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2025-26 के अंतर्गत गेहूं, राई-सरसों, चना एवं आलू को अधिसूचित किया गया। रबी मौसम में जिले के कुल 12,437 किसानों द्वारा 10,450.65 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा कराया गया, जिनमें से 12,049 किसानों के 9,919.21 हेक्टेयर क्षेत्र के बीमा को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी बीटीएम एवं एटीएम को निर्देश दिया कि कृषि विभाग की प्रत्येक योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से फील्ड विजिट करें तथा योजनाओं की जमीनी स्थिति पर लगातार निगरानी रखें, ताकि किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसानों के बीच जाकर योजनाओं की वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन करें तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
*उपायुक्त ने जिले के किसानों से वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मौसम के अनुकूल कृषि कार्य एवं फसल बुआई करने की अपील भी की।*
बैठक के अंत में सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत “सहकार से समृद्धि” के संकल्प के साथ उपायुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को शपथ दिलाई। यह अभियान 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान जिले के सभी एमपीसीएस (MPCS) में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पात्र किसान भाई-बहन अपने पंचायत स्थित एमपीसीएस में सदस्य बनकर सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने में सहभागिता निभा सकेंगे।
इस बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, निदेशक क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र चियांकी पलामू, मुख प्रबंधक अग्रणी बैंक गढ़वा, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी चंद्रकिशोर प्रसाद, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित सभी सम्बंधित पदाधिकारी,बीटीएम,एटीएम, सचिन दलित विकास मंच स्वयंसेवी संस्थान गढ़वा के पंकज कुमार चौबे सहित संबंधित प्रतिनिधिगण संबंधित प्रगतिशील कृषक आदि उपस्थित थे।










