- स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए प्रभावी मॉनिटरिंग एवं औचक निरीक्षण के निर्देश
- प्रत्येक माह प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक करें, BDO एवं थाना प्रभारी के समन्वय से स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें:उपायुक्त
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गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, उपलब्धियों, लक्ष्य एवं वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. माहेरू यामिनी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. गोविन्द सेठ, जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ. कौशल सहगल, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. पुष्पा सहगल, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), डीपीएम स्वास्थ्य गौरव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP), इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP), राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP), राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM), मातृ स्वास्थ्य, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य, राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम (NBCP), सिकल सेल स्क्रीनिंग, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP), ब्लड बैंक, UDID, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY), ई-संजीवनी, गैर-संचारी रोग (NCD), NQAS तथा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की।
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, मानव संसाधन, दवाओं एवं आवश्यक उपकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
*प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग कमिटी की प्रत्येक माह बैठक का निर्देश*
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर पर गठित मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए तथा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रभावी निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटरिंग कमिटी को सक्रिय रूप से कार्य करना आवश्यक है।
*क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, दवा दुकानों एवं झोलाछाप चिकित्सकों पर नियमित निगरानी*
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीयों को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित निजी क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, दवा दुकानों, झोलाछाप चिकित्सकों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों एवं गतिविधियों का नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सभी MOIC अपने क्षेत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से ऐसे निरीक्षण अवश्य करें। उपायुक्त ने कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो तथा प्रशासनिक एवं विधि-व्यवस्था संबंधी सहयोग सुनिश्चित रहे, इसके लिए संबंधित BDO एवं थाना प्रभारी को साथ लेकर कार्रवाई की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनधिकृत चिकित्सा गतिविधि के कारण किसी मरीज की जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य संस्थानों एवं चिकित्सा सेवाओं की नियमित निगरानी पर बल देते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या कर्तव्य के प्रति उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर*
उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण एवं नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य जांच की प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए छूटे हुए लाभार्थियों को चिन्हित कर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने को कहा।
*टीबी, कुष्ठ एवं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम पर विशेष ध्यान*
बैठक में टीबी उन्मूलन एवं कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को तेज करने का निर्देश दिया। वहीं मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी, सर्विलांस एवं आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
*सिकल सेल एवं NCD स्क्रीनिंग में तेजी लाने का निर्देश*
सिकल सेल स्क्रीनिंग, NCD स्क्रीनिंग एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की पहचान और उपचार के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि स्क्रीनिंग के बाद चिन्हित मरीजों का समय पर उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए, ताकि बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सके।
*डायलिसिस, ब्लड बैंक एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भी हुई समीक्षा*
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंद मरीजों को निर्बाध सेवा उपलब्ध कराने, ब्लड बैंक की उपलब्धता एवं रक्त संग्रहण की स्थिति को बेहतर बनाए रखने तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में ABDM, UDID एवं PM-JAY की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण एवं आवश्यक कार्ड निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-संजीवनी जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श का लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त, NQAS के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाने तथा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
*सभी चिकित्सक अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन करें : उपायुक्त*
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने बैठक में उपस्थित सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं ईमानदारी के साथ सही तरीके से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे आमजन के जीवन एवं सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने तथा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।










