- आवास योजना के कार्य के एवज में अवैध राशि मांगने के आरोप पर PMAY-G प्रखंड समन्वयक से 24 घंटे में स्पष्टीकरण तलब
- उपायुक्त ने कहा—अनियमितता एवं भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मी को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त, दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
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गढ़वा। सोशल मीडिया पर दिनांक 02 अगस्त 2026 को वायरल हुए एक वीडियो के मामले में जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), प्रखंड-खरौंधी के प्रखंड समन्वयक कुमार शानु केशरी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
वायरल वीडियो में कथित रूप से आवास योजना से संबंधित कार्य के एवज में एक पंचायत सहायक से अवैध राशि की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर उप विकास आयुक्त श्रीमती प्रेमलता मुर्मू द्वारा संबंधित प्रखंड समन्वयक को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
जारी स्पष्टीकरण में संबंधित कर्मी को 24 घंटे के अंदर स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मी को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्पष्टीकरण में यह भी पूछा गया है कि उक्त कृत्य के लिए उनकी संविदा समाप्त क्यों नहीं की जाए।
इस मामले में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा अवैध राशि की मांग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कर्मी के विरुद्ध अनियमितता, भ्रष्टाचार या किसी प्रकार की गड़बड़ी से संबंधित शिकायत जिला प्रशासन को प्राप्त होती है और जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता अथवा लाभुकों से अवैध राशि की मांग करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जिले के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का ईमानदारी, पारदर्शिता एवं पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उसकी गंभीरता से जांच कर दोषी पाए जाने वाले संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।










