रेल यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन परिसर में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत आरा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ पोस्ट आरा के निरीक्षक प्रभारी दीपक कुमार एवं रेल थाना आरा के थानाध्यक्ष रणधीर कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह की पांच महिला सदस्यों को धर दबोचा। यह घटना उस समय हुई जब पटना निवासी प्रकाश कुमार अपने परिवार के सदस्यों को ट्रेन संख्या 13041 के ए-1 कोच में चढ़ा रहे थे। इसी दौरान इन महिलाओं ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उनकी माता के पर्स से 45,900 रुपये नकदी से भरा छोटा लाल पर्स चुरा लिया था।
पीड़ित द्वारा तुरंत शोर मचाए जाने पर मौके पर गश्त कर रही आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांचों महिलाओं को रंगे हाथ दबोच लिया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपियों की पहचान सोनू गौतम नाड़े (40 वर्ष), नयना शंकर नाड़े (32 वर्ष), खुशबू (30 वर्ष), शेषकला (35 वर्ष) और वनिता (25 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर जिले के थाना अंजनी अंतर्गत रामेश्वरी रिंग रोड टोली की रहने वाली हैं। विधिसम्मत तलाशी के दौरान सोनू के पास से चोरी का लाल पर्स और उसमें रखे पूरे 45,900 रुपये बरामद हुए, जबकि नयना के पास से सोने जैसा दिखने वाला एक लॉकेट और 500 रुपये नकदी मिली, जिसके संबंध में वह कोई वैध कागजात या जवाब नहीं दे सकी।
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं जो रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों, विशेषकर महिलाओं का पर्स और कीमती सामान चुराती हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरा गिरोह मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और इनके विस्तृत आपराधिक इतिहास (क्रिमिनल हिस्ट्री) तथा अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जांच के लिए आपराधिक कुंडली खंगाली जा रही है। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपी महिलाओं के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।










