रांची : सेवा नियमितीकरण की मांगों को लेकर सोमवार को झारखड़ राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने पदयात्रा शुरू की है। भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली खूंटी के उल्लीहातू में बिरसा मुंडा के वंशज की ओर से पारंपरिक पूजा कर पदयात्रा की शुरुआत की गई। यह पदयात्रा 3 मई को राजभवन पहुंचेगी और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेगी।
मजदूर दिवस के दिन से शुरू हुई यात्रा
मनरेगा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जॉन पीटर बागे ने बताया कि मजदूर दिवस के दिन से शुरू हुई यात्रा 3 मई को राजभवन पहुंच कर अपनी मांगों को लेकर मनरेगाकर्मी धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि आखिर झारखण्ड में इतना नाइंसाफी, मजाक या विसंगतियों को कौन बढ़ावा दे रहा है।
‘संविदा पर कार्यरत लोगों के मानदेय में भिन्नता क्यों?’
झारखंड में लगभग 49 विभाग हैं। सभी का अपना स्थापित मंत्री सचिव, इंजीनियर, प्रधान सहायक नाजिर लेखापाल, क्लर्क लिपिक आदेश पाल आदि पद है। सभी 49 विभागों के चिन्हित पदों का वेतन, सुविधा, अवकाश सब कुछ एक है, मगर इन्ही विभागों में एक ही पद कोटि यथा, इंजीनियर, प्रधान सहायक, क्लर्क लेखापाल और आदेश पाल जो संविदा पर कार्यरत हैं, उनके मानदेय में भिन्नता क्यों है? मनरेगा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बागे ने कहा कि विकास आयुक्त झारखण्ड की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय कमेटी अपने लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल में कार्मिक विभाग की वर्णित शर्तों को आज तक पूरा क्यों नहीं किया गया।
जब राज्य के हर छोटे अधिकारी कर्मचारियों द्वारा यदि कोई दायित्व समय पर पूरा नहीं होता है तो उसे कारण पृच्छा की जाती है, लेकिन जब बड़े अधिकारी ही अपने कर्तव्यों को सही समय पर निर्वहन नही करें तो इसका जवाब उनसे कौन लेगा।









