रांची : सीसीएल सीएमडी पीएम प्रसाद देश के सार्वजनिक प्रतिष्ठान कोल इंडिया के नये चेयरमैन (अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक) होंगे। लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) द्वारा बुधवार को इंटरव्यू हुआ। शॉर्टलिस्ट किये कुल सात उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद बोर्ड ने पीएम प्रसाद पर मुहर लगा दी। बता दें कि चेयरमैन पद के लिए कुल 17 आवेदक थे जिसमें शार्टलिस्ट के बाद कुल सात आवेदकों का इंटरव्यू हुआ।
30 जून को रिटायर होंगे वर्तमान चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल
कोल इंडिया के वर्तमान 28वें चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल (आईएएस) आगामी 30 जून, 2023 को रिटायर हो रहे हैं। कोल इंडिया के वर्तमान चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल समेत अबतक कुल सात अधिकारी कोल इंडिया के चेयरमैन का पद संभाल चुके हैं। कोल इंडिया के 27वें चेयरमैन अनिल कुमार झा के 31 जनवरी, 2020 को रिटायर्ड होने के बाद एक फरवरी, 2020 को आईएएस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने 28 वें चेयरमैन के रूप में पदभार ग्रहण किया था।
जानिए कोल इंडिया के नए चेयरमैन पीएम प्रसाद के बारे में
1 सितम्बर, 2020 को श्री पी.एम. प्रसाद ने सेन्ट्रेल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का पदभार संभाला। इससे पूर्व श्री प्रसाद भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबन्धक निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
श्री पी.एम. प्रसाद ने 1984 में ओस्मा्निया विश्वविद्यालय से बीई (खनन) में स्नातक करने के बाद अगस्त 1984 में कोल इंडिया लिमिटेड में नियुक्त हुए और तब से अप्रैल 2015 तक उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारी से महाप्रबंधक तक के विभिन्न पदों पर वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्लूसीएल) एवं महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में योगदान दिया। बीसीसीएल से पहले एनसीएल में डायरेक्टर रहे। श्री प्रसाद ने 1991 में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद से ओपन कास्ट माइनिंग में एम. टेक किया। प्रसाद ने 1988 में डीजीएमएस द्वारा आयोजित फर्स्ट क्लास माइंश मैनेजर सर्टिफिकेट प्राप्त किया। उन्होने 1997 में नागपुर विश्वविद्यालय से लॉ में स्नातक की डिग्री भी हासिल की है।
1994-95 में डब्ल्यूसीएल की डीआरसी खदान में भूमिगत आग से प्रभावित क्षेत्र में पुन: खनन आरंभ करने के लिए उन्हें 1995 में सचिव, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार तथा अध्यक्ष, कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा सर्वश्रेष्ठ खान प्रबंधक के रूप में प्रशंसा-पत्रप्रदान कर सम्मानित किया गया।
मार्च, 2012 से लिंगराज क्षेत्र, एमसीएल के महाप्रबंधक के रूप में प्रसाद ने कनिहा ओपनकास्ट कोयला परियोजना की शुरूआत करते हुये सफलतापूर्वक संचालन की जिम्मेदारी निभायी। महाप्रबंधक, हिंगुला क्षेत्र, एमसीएल में वर्ष 2014-15 में हिंगुला ओपेनकास्ट क्षेत्र में नाले की दिशा-परिवर्तन करके 26.00 मिलियन टन कोयला भंडार को खनन के लिए विकसित किया और तालचेर कोलफील्ड्स में नई रेलवे साइडिंग नंबर 9 शुरू करना उनकी कुछ विशेष उपलब्धियों में से एक हैं।
मई 2015 में, वे एनटीपीसी में कार्यकारी निदेशक (कोयला खनन) के रूप में नियुक्त हुए। उन्हें एमडीओ परियोजनाओं के आवंटन की परक्रिया में तेजी लाने तथा पकरीबरवाडीह कोयला ब्लॉक (एनटीपीसी की पहली परियोजना) के आवंटन और शेष कोयला ब्लॉकों के लिए एनआईटी जारी करने का श्रेय दिया जाता है ।
मार्च 2016 में उन्होंने एनटीपीसी हजारीबाग, झारखंड के परियोजना के कार्यकारी निदेशक सह प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला और पकरीबरवाडीह कोल ब्लॉक में कोयला खनन परिचालन शुरू करने की चुनौती स्वीकार की। फरवरी 2017 में वहां कोयला उत्पादन शुरू हुआ। 16 फरवरी, 2017 को कैबिनेट मंत्री श्री अरुण जेटली, कोयला मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जयंत सिन्हा की उपस्थिति में झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा झंडी दिखाकर प्रथम कोयला रेक का प्रेषण किया गया। परियोजना प्रमुख के रूप में उनके इस कार्यकाल के दौरान,पकरीबरवाडीह परियोजना को 2016 में कोयला खनन परियोजनाओं के लिए स्वर्ण शक्ति पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
फरवरी 2018 से जुलाई 2019 तक, श्री प्रसाद कोल इंडिया लिमिटेड की एक अनुषंगी कंपनी एनसीएल के निदेशक तकनीकी (परियोजना एवं योजना) रहे। एनसीएल को पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जून, 2018 को प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन के दौरान वर्ष के सर्वश्रेष्ठ हरित व्यापार नेता के साथ सम्मानित किया गया।
02 अगस्त , 2019 को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के पद को संभालने से पहले उन्हें डब्ल्यूसीएल और बीसीसीएल के निदेशक (तकनीकी) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।









