गावां (गिरिडीह) : गावां के रेहा गांव में भाकपा माले द्वारा रविवार को भाकपा माले द्वारा आदिवासियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रखंड सचिव नागेश्वर यादव व संचालन जयनारायण यादव ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि गावां प्रखण्ड के दर्जनों गांव जंगल में बसा हुआ है। यहां के लोग आदि काल से जंगलों में रह रहे हैं। लेकिन गरीब आदिवासियों को वन विभाग के द्वारा जमीन और जंगल से बेदखल करने की साजिश की जा रही है।
वन विभाग ने ढिबरा व्यवसाय पर नकेल कसकर कारोबार पर लगाया ग्रहण
उन्होंने कहा कि वन कर्मियों द्वारा ट्रेंच काट कर आदिवसियों को बेघर करने का कोशिश किया जा रहा है। मना करने पर आदिवासियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने ढिबरा व्यवसाय पर नकेल कसकर इसके कारोबार पर ग्रहण लगा दिया है। जिसके कारण एक साल से ढिबरा का कारोबार बंद है। आलम यह है कि क्षेत्र के गरीब के आगे भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
आदिवासी मजदूरों को मनरेगा योजना में नहीं मिल रहा काम
मनरेगा योजना में आदिवासी मजदूरों को कोई काम नहीं मिल रहा है। यह गरीबों के साथ अत्याचार है। भाकपा माले इस अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद को क्षेत्र की समस्या पर कोई ध्यान नहीं है जबकि यह उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि रेहा गांव में आजादी के बाद से अब तक सड़क नही बना है जिससे यहां के ग्रामीणों को काफी दिक्कतें की सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के सांसद और विधायक चुनाव जीतने के बाद हाल चाल तक जाने के लिए नहीं पहुँचते है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर रेहा गांव में मनरेगा के तहत तालाब, डोभा व कुंआ का निर्माण कराया जाएगा जिसमे मजदूरों द्वारा कार्य किया जाएगा ताकि यहां के मजदूरों को रोजगार मिल सकें। जेसीबी से कार्य करने की शिकायत मिली तो जेसीबी के मालिक व ठीकेदार को जेल भेजा जाएगा।
आदिवासियों के वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड बनाने व राशन नही मिलने की लगातार शिकायत मिल रही है। जिसे लेकर गावां प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। साथ ही माले क्षेत्र के विकास के लिए उपायुक्त से मिलेगा।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
मौके पर जिप सदस्य पवन कुमार चौधरी, मुखिया प्रतिनिधि धर्मेंद्र राजवंशी, रंजीत राम, नरेश राणा, मनोज रजवार, मनोज मुर्मू, जागो मरांडी, बबुआ मुर्मू, अमित मरांडी, छोटो मुर्मू, बाजो बास्के अमित बास्के, भूषण रविदास, उमेश बास्के, बिनोद हांसदा, बालो मुर्मू, झारी मुर्मू, कुमर मरांडी, कोसो मरांडी, सोमर मरांडी, मालती हेम्ब्रम, साँझली मुर्मू, बड़की देवी, जीतू बास्के, बाजो बास्के, मुन्ना मुर्मू व बबुआ मुर्मू समेत कई लोग उपस्थित थे।









