रांची. झारखंड में 107 सरकारी सहायक वकीलों को नियुक्ति पत्र दिया गया। इसके लिए प्रोजेक्ट भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 107 सरकारी सहायक वकीलों को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने इन वकीलों से कहा कि आपलोगों को स्थानीय भाषा सीखनी चाहिए, ताकि लोगों को न्याय दिलाने में मदद मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि देश के अन्यों राज्यों की अपेक्षा झारखंड में सामाजिक ताना-बाना, यहां की भौगोलिक संरचना अन्य राज्यों से अलग है। हर जिले में अलग-अलग भाषा, रहन-सहन, बोल-चाल है। बहुत से ऐसे गांव हैं, जहां लोग हिंदी भी नहीं जानते। आपको उनके साथ भी संवाद स्थापित करना है। आपको न्याय दिलाने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। आप इन भाषाओं को समझें जाने तभी राह आसान होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड में भाषा की बहुलता को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानीय भाषा सीखें, ताकि लोगों को न्याय दिलाने में आपको सहूलियत हो। आमतौर पर न्यायपालिका में खासकर हाईकोर्ट में अंग्रेजी का प्रचलन अधिक है। लेकिन, झारखंड में जहां लोग हिंदी न जानते हों, वे अंग्रेजी कैसे समझेंगे।









