गिरिडीह : सदर प्रखंड के बक्सीडीह पंचायत के बेड़ा में एक ऐसा स्कूल संचालित हो रहा है, जहां समय पर न तो शिक्षक पहुंचते हैं और न ही इस स्कूल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिया जाता है। यह पूरा मामला बेड़ा का है। यहां उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बेड़ा की स्थिति इतनी खराब है कि यहां के शिक्षक जब – मन तब विद्यालय पहुंचते हैं और अपने निजी कार्य से बच्चों को भगवान भरोसे छोड़कर गायब हो जाते है। इसके बाद स्थिति यह हो जाती है कि बच्चे खुद ब्लैक बोर्ड में लिखकर दूसरे बच्चों को पढ़ाते हैं और खुद भी शिक्षा ग्रहण करते है।
शिक्षकों की मनमर्जी से पठन-पाठन ठप
स्थानीय ग्रामीणों की माने तो यहां 2 शिक्षक एक आशा सिन्हा और एक नीरज सिन्हा का पदस्थापन हुआ है, लेकिन अक्सर दोनों शिक्षक गायब रहते हैं। किसी दिन शिक्षिका आशा सिन्हा छुट्टी पर रहती हैं तो किसी दिन शिक्षक नीरज सिन्हा बिना बताए गायब हो जाते हैं। मंगलवार को भी स्कूल में यही स्थिति देखने को मिली. सुबह करीब 9ः30 बजे स्कूल में बच्चे खुद से पढ़ाई कर रहे थे और कुछ बच्चे बाहर खेल रहे थे।

जानिए शिक्षकों के गायब होने पर बच्चों ने क्या दिया जवाब ?
बच्चों से जब पूछा गया कि शिक्षक कहां है तो उन्होंने कहा कि मैडम छुट्टी पर हैं। एक शिक्षक जिनका नाम नीरज सिन्हा है वह स्कूल आकर घर चले गए है। बच्चों का कहना है कि अक्सर यही स्थिति स्कूल की रहती है। एक महीना से बच्चों को एमडीएम का भोजन भी नहीं मिला है और नहीं उन्हें पोषाहार मिलता है।
बच्चों को नहीं मिल रहा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
शिक्षा विभाग के द्वारा एक और जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के बड़े – बड़े वादे किए जा रहे हैं तो दूसरी और यह स्थिति देखकर साफ ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार से सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रहा होगा। इस मामले को लेकर स्थानीय वार्ड पार्षद रामचन्द्र दास ने बताया कि स्कूल में शिक्षक हमेशा गायब रहते हैं। इसकी शिकायत कई बार जिला शिक्षा अधीक्षक से की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत डीसी से की जाएगी और ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।









