पटना/ नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री व जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने गुरुवार को बीजेपी में शामिल हो गये। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरसीपी सिंह को सदस्यता दिलाई और बीजेपी का पट्टा पहनाया। मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह भी उपस्थिति रहे। बता दें कि जब से आरसीपी सिंह ने जदयू छोड़ा तब से लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं। उन्हें लगातार विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए नजर आए। आज भी उन्होंने जैसे ही भाजपा में शामिल हुए वैसे ही एक बार फिर नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया।
आरसीपी सिंह ने ‘पीएम’ का समझाया मतलब
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सब नीतीश कुमार को पीएम कहते हैं। वो खुद भी नीतीश कुमार को पीएम मानते हैं। वो तो पहले ही कह चुके हैं कि नीतीश बाबू पीएम थे, पीएम हैं और पीएम ही रहेंगे लेकिन पीएम का मतलब क्या होता है पलटी मार। पहचान क्या बनी है। बताइए कि आपने कितनी बार विश्वासघात किया है।
सीएम नीतीश को हमने कई बार दिखाया आईना- आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार पहले क्या बोलते थे कि देश में कोई काम नहीं हो रहा है। हमने कई बार उनको आईना दिखाने की कोशिश की। अगर काम नहीं हो रहा है तो नीतीश कुमार ये बताएं कि आज भारतवर्ष दुनिया में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कैसे हुआ? आज मुंबई गए हैं वहां वो बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। जरा सोचिए कि देश कहां चला गया और बिहार आज कहां है?
सी शब्द से नीतीश को है प्रेम- आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह ने कहा कि पहले जब भी नीतीश कुमार के पास जाते थे तो वो कहते कि क्राइम और करप्शन के वो खिलाफ हैं। उनको सी (C) शब्द से बड़ा प्रेम है लेकिन सी से चेयर (Chair) भी होता है। आज कल वो कुर्सी के लिए ही सब कर रहे हैं। आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार में 2005 से भी खराब स्थिति हो गई है। आप एक मुख्यमंत्री का नाम बता दीजिए जो तीन दिन में तीन प्रदेश में है। ये किस काम के लिए हैं? एक दिन ओडिशा, दूसरे दिन झारखंड तो तीसरे दिन मुंबई पहुंच गए।
‘बिना नेता की नहीं होती है एकता’
नीतीश कुमार पर हमला करते हुए आगे आरसीपी सिंह ने कहा कि वो बार बार इतिहास की बात करते हैं। नीतीश कुमार इतिहास मत भूलें। 2019 में भी विपक्षी एकता की बात चली थी लेकिन नीतीश कुमार क्या एकता करेंगे। उनके नेता कौन हैं? बिना नेता की एकता होती है क्या?









