सोनाहातू (रांची) : सोनाहातू प्रखंड क्षेत्र जामुदाग पंचायत के चोगा गांव में भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। आलम ये है कि ग्रामीणों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल रही है। ऊपर से जल संसाधन विभाग की उदासीनता ने परेशानी को और दोगुना कर दिया है।
धूप की तपिश से नदी, तालाब और कुएं सूखने लगे हैं। जमीनों पर पड़ी दरारें जानलेवा गर्मी की गवाही दे रही है। तपती गर्मी के चलते ग्राउंड वाटर का स्तर नीचले स्तर पर चला गया है। नतीजा चापाकल से पानी आना बंद हो गया है। ऐसे में जहां एक्के-दुक्के जगहों पर पानी आ रहा है वहां पानी भरने वालों का मेला लग जाता है।
जलमीनार से एक बूंद नहीं निकलता पानी
दो महीने पहले एक जलमीनार बन के तैयार है, लेकिन जलमीनार से एक बूंद पानी नहीं निकलता है। ग्रामीण गांव से दो किलोमीटर दूर सतीया से लेकर पानी आते हैं। चोगा गांव के मुंडा टोली में लोग पानी की समस्या से दो-चार हो रहे हैं। जून महीने की शुरुआत के साथ गर्मी ने दस्तक दी नहीं कि जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है।
विभाग की उदासीनता से ग्रामीण परेशान
सोनाहातू में पानी की परेशानी नयी नहीं है, लेकिन जल संसाधन विभाग की उदासीनता के चलते हर साल की तरह इस साल भी ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में भी हालात वही हैं। आलम ये है कि लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। जबकि विभागीय स्तर पर हर साल कार्य योजना तैयार की जाती है, लेकिन अभी तक ना तो कार्य योजना तैयार की गई है, ना ही जल संकट से मुक्ति के लिए कोई पहल की जा रही है। अब विभागीय अधिकारियों का दंश आम जनता झेल रही है। इस मामले पर विभागीय अधिकारी बात तक नहीं करते हैं।










