रांची : श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने मंगलवार को डिस्चार्ज पिटिशन दाखिल कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की। एसीबी की अदालत ने मामले की आंशिक सुनवाई करते हुए 16 जून को पूर्ण सुनवाई करने का निर्णय लिया।
बता दें कि वर्ष 2009 में एसीबी थाने में बीज घोटाला के मामले में प्राथमिकी कांड संख्या 15/ 2009 दर्ज की गई थी। इस मामले में, तत्कालीन कृषि मंत्री नलिन सोरेन और तत्कालीन कृषि निदेशक निस्तार मिंज को आरोपी घोषित किया गया था। हालांकि, वर्तमान श्रम मंत्री और पूर्व कृषि मंत्री सत्यानंद भोक्ता इस मामले में नामजद आरोपी नहीं हैं। इस मामले की जांच के दौरान एसीबी ने वर्ष 2013 में सत्यानंद भोक्ता के खिलाफ साक्ष्य प्राप्त किए जाने का कारण बताते हुए उन्हें भी आरोपी बनाया था।










