रांची : कोलकाता से ईडी द्वारा गिरफ्तार अमित अग्रवाल और दिलीप घोष को ईडी के विशेष कोर्ट में पेश किया गया। जहां अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बता दें कि रांची के बरियातू रोड स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के द्वारा कोलकाता से गिरफ्तार किए गए जगत बंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष और कारोबारी अमित अग्रवाल को आज कोर्ट में ईडी द्वारा पेश किया गया। जहां ईडी ने कोर्ट से दोनों की 5 दिनों की रिमांड की मांग की, जिसपर कोर्ट ने रिमांड के बिंदु पर सुनवाई के लिए कल 9 जून की तिथि मुकर्रर करते हुए दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ईडी ने अमित अग्रवाल और दिलीप घोष को 7 मई की रात किया था गिरफ्तार
बता दें कि ईडी ने दस्तावेज में जालसाजी कर सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद-बिक्री करने के मामले में कोलकाता के व्यापारी अमित अग्रवाल और जगतबंधु टी स्टेट के डायरेक्टर दिलीप घोष को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों को रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। इसी मामले में रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, कर्मचारी भानु प्रताप के अलावा कई जमीन कारोबारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईडी ने पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार
ईडी ने सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीद बिक्री की जांच के दौरान अमित अग्रवाल और दिलीप घोष को पूछताछ के लिए बुलाया था। इस समन के आलोक में दोनों बुधवार को ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर हुए। पूछताछ के बाद इनकी गिरफ्तारी हुई। सेना के कब्जेवाली जमीन अमित अग्रवाल की कंपनी जगत बंधु टी स्टेट ने खरीदी है। अमित अग्रवाल को ईडी ने राजीव कैश कांड में भी गिरफ्तार किया था। कैश कांड के इस मामले में वह जमानत पर हैं।
सेना के कब्जे वाली जमीन खरीद-बिक्री का मामला
ईडी ने सेना के कब्जे वाली जमीन के मामले में जांच के दौरान यह पाया कि मौजा मोरहाबादी, थाना नंबर 192, वार्ड नंबर 21 के एमएस प्लॉट नंबर 557 की 4.55 एकड़ जमीन की खरीद बिक्री के लिए अमित अग्रवाल व अन्य ने रांची के तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन के साथ मिल कर साजिश रची। इस डील के लिए छवि रंजन को एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सुनियोजित साजिश के तहत कोलकाता स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में इस जमीन से संबंधित मूल दस्तावेज में जालसाजी कर प्रदीप बागची के पिता को जमीन का मालिक बनाया गया।
सिर्फ सात करोड़ रुपये में बेच दी गयी सेना के कब्जेवाली जमीन
इसके बाद यह जमीन अमित अग्रवाल से जुड़ी कंपनी जगत बंधु टी स्टेट को सिर्फ सात करोड़ रुपये में बेच दी गयी। जांच में पाया गया कि सेल डीड में वर्णित सात करोड़ रुपये के बदले सिर्फ 25 लाख रुपये ही प्रदीप बागची को दिये गये थे। बाकी 6.75 करोड़ रुपये का भुगतान ही नहीं किया गया। सरकारी दर पर जमीन की कीमत 20 करोड़ रुपये आंकी गयी है। प्रदीप बागची को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।










