रांची : शिबू सोरेन की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के नेता मौजूद रहे। इस बैठक में स्थानीय नीति, नियोजन नीति, सरना धर्म कोड, ओबीसी आरक्षण सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि इन तमाम विषयों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट करवाया जाएगा। साथ ही विपक्ष में बैठी भाजपा पर सवाल खड़े करते हुए कहा गया कि भाजपा के इशारे पर राजभवन काम कर रही है। क्योंकि जो भी विधेयक विधानसभा से पास होकर राजभवन को भेजा जाता है उसे वापस कर दिया जाता है। ऐसे में समिति के सदस्यों ने सरकार से भी आग्रह किया है कि अगर त्रुटियां हैं तो इसे समीक्षा कर फिर से राजभवन को भेजा जाए ताकि इसका समाधान हो सके।
बता दें कि राज्य के गठबंधन सरकार में पहली बार बैठक आयोजित हुई। जिसमें विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक में मंत्री आलमगीर आलम, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, जेएमएम विधायक सरफराज अहमद, राजद कोटे के मंत्री सत्यानंद भोक्ता सहित कई लोग शामिल हुए।
समन्वय समिति ने कहा कि सरकार के द्वारा जो निर्णय लिये गये थे, उसे मजबूती से काम करे। निजी क्षेत्रों में 75 प्रतिशत नौकरी लागू करने की बात हुयी, सरकार का ध्यान आकृष्ट करवाया जाएगा। झारखंडी छात्रों का नियोजन हो, सरना आदिवासी कोड के मुद्दे पर सरकार ने गंभीरता दिखाई। केंद्र सरकार जल्द क्लियर करें। ये पूरा मामला काफ़ी वर्षाें से लंबित था।
बीजेपी के दबाव में राजभवन कर रही काम
समन्वय समिति की बैठक में नियोजन नीति को लेकर चर्चा हुयी। भाजपा पर आरोप लगाते हुए समिति ने इसकी वजह से कोर्ट में नियोजन नीति टर्नडाउन हुआ है। लोगों के उम्मीद पर सरकार काम करने का प्रयास कर रही है। समन्वय समिति ने कहा सरना धर्म कोड विषय को लेकर एक कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी राष्ट्रपति से मुलाकात कर बातचीत करेगी। एसटी एससी और ओबीसी का आरक्षण पर भी सरकार ने राज्यपाल के यहां भेजा था, लेकिन वहाँ से समीक्षा करते हुए विधेयक को लौटा दिया गया। मॉब लिंचिंग विधेयक भी वापस किया गया। राजभवन भारतीय जनता पार्टी के दबाव में काम कर रही है।
सरकार त्रुटियों को आकलन कर विधेयक को दोबारा भेजे
समन्वय समिति ने सरकार से आग्रह किया कि जो भी त्रुटियां इन विधेयको में है उसे फिर से आकलन कर दोबारा भेजे। समन्वय समिति दायित्व का पालन कर रही है। ऊर्जा के क्षेत्र को लेकर बातचीत हुयी। टीवीएनएल का विस्तारीकरण किया जाये। राज्य में जमीन से संबंधित मामलों को लेकर भी बातचीत हुई।










