रांची : झारखंड के पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) एक बार फिर से आंदोलन के मूड में आ गए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार पारा शिक्षक 17 जून को मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें मोरहाबादी में ही रोक दिया गया। जहाँ सभी पारा शिक्षक एकत्रित होकर सरकार से किए गए वादों को याद दिला रहे हैं। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं।
पारा शिक्षकों के मुताबिक, पिछले साल शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने उनसे जो वादा किया था, सरकार ने आज तक उसे पूरा नहीं किया। इसी को लेकर राज्यभर के पारा शिक्षक हेमंत सोरेन सरकार की वादाखिलाफी से नाराज हैं। अब तक वेतनमान नहीं देने, ईपीएफ लागू नहीं करने, अनुकंपा पर नियुक्ति नहीं किये जाने, सीटेट को जेटेट के समान मान्यता नहीं दिए जाने और अप्रशिक्षितों को प्रशिक्षित नहीं किये जाने के विरोध में यह घेराव कार्यक्रम है।
‘मांग पूरी न होने पर करेंगे महापंचायत’
दरअसल, राज्य के 50 हजार से अधिक पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) सरकार की वादाखिलाफी से नाराज हैं। इस नाराजगी की वजह से वह आंदोलन कर रहे हैं। एकीकृत सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार कर रखी है। मांग पूरी न होने पर महापंचायत करेंगे।










