पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कुल 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इसमें बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संशोधन नियमावली को भी मंजूरी मिली है। इस संशोधन के बाद अब बिहार के अलावा दूसरे प्रदेश के छात्र भी बिहार में शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे। यानी दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी शिक्षक बन सकेंगे। सरकार ने बिहार में शिक्षक बनने के लिए अब बिहार का स्थाई निवासी होने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया।
विरोध का नया मोर्चा खोलना तय
बिहार सरकार की नई शिक्षक भर्ती नियमावली का अभ्यर्थी पहले से विरोध कर रहे हैं। अब नए संशोधन से नया विरोध सामने आ सकता है। नए संशोधन के मुताबिक अब किसी राज्य के अभ्यर्थी बिहार में टीचर बन सकते हैं।
पंचायतीराज विभाग में 675 लिपिक की बहाली पर लगी मुहर
इसके साथ ही नारी शक्ति योजना के तहत पालनाघर निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति दी गई है। स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू करने को लेकर केंद्र सरकार से करार करने का निर्णय लिय़ा गया है। पंचायतीराज विभाग में 675 लिपिक की बहाली पर मुहर लगी है। इसके साथ ही सूबे के आठ जिलो में पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण से विद्यालय निर्माण हेतु 370 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। पर्यटन विभाग के तहत बांकीपुर और सुल्तान पैलेस में फ़ाइव स्टार होटल के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत 8 जिलों अररिया, अरवल, नवादा, मधुबनी, लखीसराय, वैशाली, कटिहार और सीतामढ़ी में 520 बेड के अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय निर्माण के लिए 46 करोड़ 35 लाख 28 हजार प्रति विद्यालय की दर से कुल 370 करोड़ 82 लाख 24 हजार रूपए की स्वीकृति दी। सरकार ने खान-भूतत्व विभाग, खाद्य-उपभोक्ता संरक्षण विभाग, पंचायती राज विभाग, पिछड़ा वर्ग-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, पथ निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग, शिक्षा, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कृषि, पर्यटन, उद्योग और जल संसाधन विभाग समेत अन्य विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।









