गोमिया (बोकारो) : बंगाल वन विभाग ने झारखंड की सीमा में घुसकर झारखंड वन विभाग की भूमि को अपना बताकर बोर्ड लगाते हुए उस पर कब्जा जमा लिया है। हालांकि बोर्ड लगाए जाने की सूचना बोकारो डीएफओ को भी है। उन्होंने जल्द झारखंड वन विभाग का बोर्ड मौके पर लगाने की बात कही है।
विधायक लंबोदर महतो ने जताई आपत्ति
लेकिन गोमिया के विधायक लंबोदर महतो ने इसे वन विभाग और डीएफओ की लापरवाही का नतीजा माना है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सूचना दिए जाने के बाद भी डीएफओ के द्वारा कुछ नहीं किया गया। जिस कारण लगभग एक एकड़ की जमीन पर बंगाल वन विभाग ने कब्जा जमा लिया है।
झारखंड और बंगाल सरकार के बीच विवाद
मामला बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के सेवती घाटी का है। बोर्ड लगाने के बाद कसमार प्रखंड के सिवाती घाटी पर झारखंड और बंगाल सरकार के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। यह बोर्ड पुरुलिया वन प्रमंडल के झालदा रेंज द्वारा लगाया गया है।जानकारी के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पहले ही यह बोर्ड लगाया गया है।
झारखंड के हिस्से को बंगाल का बताया
इस बोर्ड में झारखंड वाले हिस्से को भी बंगाल का हिस्सा बताते हुए लिखा गया है कि अब भूमि वन भूमि है और बंगाल का है। इसमें किसी प्रकार का अतिक्रमण गैरकानूनी है इसका उल्लंघन करने पर इंडियन फॉरेस्ट एक्ट 1927 के तहत जेल या सजा अथवा दोनों हो सकती है। बोर्ड में नीचे निर्देशानुसार झालदा रेंज पूर्णिया डिवीजन बंगाल सरकार लिखा हुआ है।
ये है सबूत
ग्रामीणों की माने तो बंगाल फॉरेस्ट ने जिस स्थान को बंगाल का हिस्सा बताया है। वह विशुद्ध रूप से झारखंड का हिस्सा है और सदियों से वहां कसमार प्रखंड के ग्रामीणों द्वारा 1980 के दशक से ही टुसू मेला का आयोजन किया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह बोर्ड लगाया गया है। उसे करीब 50 फुट आगे तक झारखंड सरकार के द्वारा लगभग 10 वर्ष पहले ही पीसीसी पथ और एक पुलिया का निर्माण भी कराया गया है। उसके बाद बंगाल का हिस्सा कैसे हो जाएगा
सेवाती घाटी में ग्रामीणों द्वारा स्थापित एक शिवलिंग है। जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने स्थापित किया है। उक्त स्थान पर अब मंदिर निर्माण का निर्णय ग्रामीणों ने लिया है। मंदिर के लिए मूर्ति आदि मंगवा ली गई है। मंदिर का शिलान्यास गोमिया विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो करने वाले हैं। इसकी जानकारी मिलते ही मंदिर निर्माण के पहले ही बंगाल फारेस्ट डिपार्टमेंट ने उक्त स्थान पर बोर्ड लगा दिया है।
झारखंड सरकार की पर्यटन सूची में ग्रेड 4 में शामिल
कसमार प्रखंड का सेवा की घाटी झारखंड सरकार की पर्यटन सूची में ग्रेड 4 में शामिल किया गया है। इस स्थान को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाएं बन रही है। अगर बंगाल सरकार द्वारा इस तरह की सीमा विवाद को उत्पन्न किया जाएगा सेवाती घाटी को पर्यटन के रूप में विकसित करने का कार्य बाधित हो जाएगा।









