जामताड़ा : जिले में एक करोड़ के नकली शराब बरामदगी के बाद प्रशासन ने कुख्यात माफिया मनोज मंडल के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें ईंट भट्ठा की आड़ में कोयले के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी में स्थानीय पुलिस के सहयोग से डीएमओ दिलीप कुमार ने लगभग 60 टन अवैध कोयले का स्टॉक जब्त किया है।
कैसे हुआ खुलासा
सिर्फ नकली फ्लैश ब्रिक्स फैक्ट्री की आड़ में अवैध शराब कारोबार तक ही नहीं, बल्कि माफिया मनोज मंडल चिमनी ईंट भट्ठे की आड़ में अवैध कोयला का काला कारोबार भी करता था। इसका खुलासा तब हुआ जब जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपायडीह गांव में झाटी जंगल के बीच सुनसान जगह पर चल रहे हैं चिमनी ईंट भट्टे में जिला खनन पदाधिकारी ने पुलिस के साथ छापेमारी की। जहां भारी मात्रा में अवैध कोयला का भंडारण किया गया था। इस चिमनी ईंट भट्ठे का संचालक भी नकली शराब फैक्ट्री संचालन के आरोपी मनोज मंडल एवं गौरीशंकर मंडल पाया गया।
मनोज मंडल एवं गौरीशंकर मंडल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज
डीएमओ ने बताया कि चिमनी ईंट भट्ठा में लगभग 60 टन अवैध कोयला का भंडारण किया गया था। उक्त अवैध कोयला को जब्त कर जामताड़ा थाना को सौंप दिया गया है। वहीं चिमनी ईंट भह्वा के संचालक मनोज मंडल एवं गौरीशंकर मंडल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी की ओर से सूचना मिला कि चिमनी ईंट भट्ठा के समीप भारी मात्रा में अवैध कोयला का स्टॉक है। जिस सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं चिमनी ईंट भट्ठा में मौजूद मुंशी से कोयला के स्टॉक से संबंधित कागजात की मांग करने पर वह किसी तरह का कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
माफिया मनोज मंडल का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है
बता दें कि एसपी माइंस चितरा कोलियरी से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई के दौरान सतसाल, उदलबनी व अन्य स्थानों पर डंपरो को रोककर कोयला उतारा जाता है। उक्त कोयला को साइकिल व मोटरसाइकिल के जरीए चिमनी ईंट भट्ठा तक पहुंचाया जाता था। जहां ट्रक पर लोड कर कोयला को बिहार भेजा जाता था। वहीं उक्त चिमनी ईंट भट्ठा में पूर्व में भी अवैध बालू का भंडारण मिला था। आरोपी माफिया मनोज मंडल का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है। वह इससे पूर्व भी अवैध शराब एवं बालू के कारोबार के कई मामलों में आरोपित है। कई बार इनके ठिकानों पर प्रशासन छापेमारी कर अवैध शराब तथा बालू बरामद कर चुकी है। लेकिन पुलिस आरोपी मनोज मंडल को एक बार भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।










