रांची : रांची सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव के धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न व दहेज प्रताड़ना से जुड़े केस की सुनवाई हुई। सुनवाई में नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव के यौन उत्पीड़न केस में बचाव पक्ष की ओर से सीबीआई कोर्ट में गवाही दर्ज हुई। मामले में मुख्य आरोपी रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल की ओर से बनाए गए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गवाह मामले में सीएम के अधिकृत व्यक्ति जेएमएम के रांची जिलाध्यक्ष मुश्ताक अहमद कोर्ट में उपस्थित हुए और गवाही दी।
इफ्तार पार्टी का निमंत्रण पत्र रकीबुल के पास कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं
मुश्ताक अहमद ने अदालत से कहा कि रकीबुल को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं और न ही रकीबुल से कभी उनकी मुलाकात हुई है। इफ्तार पार्टी का दावतनामा किसने इश्यू किया और किसके माध्यम से यह गया, इसकी जानकारी उसे नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि इफ्तार पार्टी के लिए सीएम आवास से निमंत्रण पत्र जारी होता है। रंजित कोहली उर्फ रकीबुल हसन जो आमंत्रण पत्र दिखा रहा है, वह सही है। लेकिन मैं किसी रकीबुल हसन को नहीं जानता हूं। मामले में अगली गवाही 27 मई को होगी।
26 गवाहों की पूरी हो चुकी गवाही
बता दें कि रंजीत सिंह कोहली ने बचाव पक्ष के रूप में 2 गवाहों में से एक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बनाया है। दरअसल, मुख्यमंत्री कार्यालय से रकीबुल खान से संबंधित एक पत्र जारी हुआ था, जिसे सीबीआई ने भी गवाही में चिन्हित किया है। मामले में सीबीआई की ओर से 26 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। मामले में रंजीत कोहली समेत 3 आरोपियों का बयान दर्ज हो चुका है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है।
आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने दो जुलाई 2018 को आरोप गठित किया था। सीबीआई ने इस केस को वर्ष 2015 में टेक ओवर किया था।









