रांची : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केंजरीवाल शुक्रवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। उनके साथ पंजाब के सीएम भगवंत मान, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, राघव चढ्ढा, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आतिशी मौजूद रहे। अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगने रांची पहुंचे सीएम अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का साथ मिला है। मुलाकात के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अरविंद केजरीवाल के बाद सीएम हेमंत ने मीडिया को संबोधित किया।
मोदी सरकार ने दिल्ली छीन ली सभी शक्तियां- केजरीवाल
सीएम केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार को निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के आमलोगों को अपमान किया। उनका जनतांत्रिक हक छीन लिया। मोदी सरकार ने सभी शक्तियां छीन लिया। हमें काम नहीं करने दिया जा रहा है। दिल्ली के सीएम ने अध्यादेश का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अध्यादेश जारी करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश हटा दिया। ये आर्डर 11 मई को आया। ये दिल्ली के लोगों का अपमान है। अध्यादेश जारी कर मोदी सरकार ने 2 करोड़ लोगों को बेघर कर दिया।
संविधान के बिल्कुल विपरीत काम कर रही सरकार- सीएम हेमंत
सीएम हेमंत सोरेन ने भी मोदी सरकार पर जमकर भड़ास निकालते हुए कहा कि चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने देने का एक योजनाबद्ध तरीके से केंद्र सरकार काम कर रही है। संघीय ढांचे को तोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार संविधान के बिल्कुल विपरीत काम कर रही है। जो केंद्र सरकार की सहयोगी सरकार नहीं है, उनके साथ क्या हो रहा वो सबको पता है।
हेंमत सोरेन ने पहलवानों के साथ हो रहे अन्याय का किया जिक्र
सीएम हेमंत ने पहलवानों के साथ हो रहे अन्याय का जिक्र करते हुए कहा कि जिस दिन संसद भवन का उद्घाटन हुआ, उसी दिन उसी लोकतंत्र के मंदिर के चंद दूरी पर और भी कई घटनाएं घटी। जो सबको पता है। कहीं ना कहीं ये गैर भाजपा शासित सरकार पर प्रहार नहीं हो रहा है बल्कि देश की जनता पर प्रहार है।
‘स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी’
झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय को लेकर पार्टी के अंदर चर्चा की जाएगी। गुरुजी से बात करके आकलन किया जाएगा। इस देश की सवा सौ करोड़ लोगों को भी समर्थन करना चाहिए। वर्तमान व्यक्तिगत अपनी वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखकर देश के लोकतंत्र का हिस्सा बनने का प्रयास हो।
हमारे इस देश को आजाद करने में स्वतंत्रता सेनानियों ने जो बलिदान दिया है, उनके कुर्बानी का मजाक उड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र को बचाने की सब की भूमिका है। उसको कैसे सुनिश्चित किया जाए इसपर सोचने की जरूरत है। बहुत मजबूती के साथ बचाने की आवश्यकता है। इस विषय पर सभी राज्यों में चर्चा हो रही है।
‘पूरे देश में इस निर्णय से पड़ेगा असर’
सीएम हेमंत ने कहा कि पूरे देश के लोग, जनप्रतिनिधि इस मामले में शामिल हो। दिल्ली देश की राजधानी के साथ-साथ एक राज्य भी है। कहीं ना कहीं इस तरह के निर्णय से पूरे देश में असर पड़ेगा। जो गांव देहात से आते हैं, उनके लिये पीड़ादायक साबित हो सकता हैं। केजरीवाल सरकार के ऊपर जो थोपने का प्रयास केंद्र सरकार के द्वारा हो रहा है अब इस लड़ाई को लड़ने की आवश्यकता है। ये अपने मुहीम में सफल हो, हमारी शुभकामनाएं उनके साथ है।










