रांची के धुर्वा क्षेत्र में मंईयां सम्मान योजना के वेरिफिकेशन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। तीन आंगनबाड़ी सेविकाओं पर लाभुकों से अवैध राशि मांगने का आरोप है। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद, रांची के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का संज्ञान लिया। जन शिकायत कोषांग के व्हाट्सऐप नंबर पर लाभुकों द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, अर्चना सिंह, गीता कुमारी, और उषा कुमारी नामक सेविकाओं ने लाभुकों से पैसे मांगे थे। डीसी ने इस आरोप पर गंभीरता दिखाते हुए इन सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा है, जो भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
इस घटना ने मंईयां सम्मान योजना में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। लाभुकों ने बताया कि विभिन्न इलाकों में सेविकाओं द्वारा योजना के वेरिफिकेशन के लिए पैसे मांगे जा रहे थे, जो योजना के उद्देश्यों के विरुद्ध है। डीसी की त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन भ्रष्टाचार को कतई सहन नहीं करेगा। इस घटना ने आम नागरिकों में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और त्वरित समाधान किया जाएगा।
इसके साथ ही यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ जन-जागरूकता की जरूरत को भी उजागर करती है। सरकारी योजनाओं की सफलता के लिए प्रशासनिक सतर्कता के साथ-साथ आम जनता का सहयोग भी अनिवार्य है। नागरिकों को इन योजनाओं के लाभ और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए ताकि वे किसी भी तरह के शोषण से बच सकें।