झारखंड की राजधानी रांची में आज, 14 अक्टूबर 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़ी छापेमारी की है। इस छापेमारी में झारखंड सरकार के पेय जल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के पीए हरेंद्र सिंह, उनके भाई विनय ठाकुर, और आईएएस अधिकारी मनीष रंजन के ठिकानों पर छापे मारे गए हैं। यह कार्रवाई जल जीवन मिशन में अनियमितता से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले के सिलसिले में की गई है। ईडी की टीम ने रांची के सात रोड, हरमू, और मौरहावादी सहित कई इलाकों में छापेमारी की है।
ईडी की टीम ने आज सुबह से ही 20 से अधिक स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान, ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियां जब्त की हैं, जो इस घोटाले से जुड़े हो सकते हैं। छापेमारी के दौरान, सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा कर दिया गया है। इस मामले में प्रमुख नामों में हरेंद्र सिंह, मनीष रंजन, और विजय अग्रवाल शामिल हैं। ईडी की इस कार्रवाई ने रांची में हलचल मचा दी है और लोग इस मामले की आगे की जांच और परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जनता में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रहे हैं। इससे पहले, झारखंड सरकार के एक और मंत्री आलमगीर आलम भी कैश कांड में फंसे थे और फिलहाल जेल में बंद हैं। ईडी की इस कार्रवाई ने रांची में हलचल मचा दी है और लोग इस मामले की आगे की जांच और परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।










