गढ़वा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में, एसीबी ने कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक गुलजार अंसारी को 5000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह मामला मनरेगा योजना के तहत डोभा निर्माण योजना से संबंधित है, जिसके लाभार्थी अखिलेश चौधरी हैं। जब अखिलेश ने अपने बकाया भुगतान और मास्टर रोल पर हस्ताक्षर के लिए रोजगार सेवक से संपर्क किया, तब उसने रिश्वत की मांग की। अखिलेश ने तुरंत इस मामले की शिकायत पलामू एसीबी से की, जिन्होंने जांच में शिकायत को सही पाया।
एसीबी ने कार्रवाई से पहले पूरी योजना बनाई और दंडाधिकारी व दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गिरफ्तारी की। भ्रष्टाचार की यह घटना मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावित करती है, जो ग्रामीण रोजगार और विकास के लिए बनाई गई है। इस मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर किया है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
गढ़वा की इस घटना ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संदेश दिया है। एसीबी की कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचारियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि झारखंड सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी को लेकर प्रतिबद्ध है।










