पलामू एसीबी ने मंगलवार को गढ़वा जिला के रमुना प्रखंड में मनरेगा बीपीओ प्रभु कुमार को 12,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह मामला तब सामने आया जब शिव शंकर राम, जिनकी मां के नाम पर डोभा निर्माण का काम आवंटित हुआ था, ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई। प्रभु कुमार ने डोभा निर्माण कार्य को चालू कराने और हस्ताक्षर करने के लिए घूस की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने योजना बनाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया बेहद प्रभावी और योजनाबद्ध थी। एसीबी ने जाल बिछाकर शिकायतकर्ता शिव शंकर राम को पैसे के साथ प्रभु कुमार के पास भेजा, और इस दौरान टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद मनरेगा कार्यालय और संबंधित क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
इस घटना ने सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है। पलामू एसीबी द्वारा की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखाया है कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने जरूरी हैं। एसीबी की टीम ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों को उचित दंड दिलाने के लिए प्रयासरत है।