◆ उपायुक्त की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
◆ जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की भी हुई समीक्षा, दिए गयें आवश्यक निदेश
◆ विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं एवं गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर
समाहरणालय स्थित सभागार में आज उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से सम्बंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा एक-एक कर शिक्षा विभाग के विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं सभी बीईईओ से बारी-बारी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी ली गई। कुछ योजनाओं में प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले पदाधिकारी व बीईईओ पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। कार्य असंतोषजनक होने पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई। संबंधित बीईईओ को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया। मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि अपने अधीनस्थ सभी शिक्षा पदाधिकारी एवं कर्मियों का नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज संबंधित प्रतिवेदन का निरीक्षण करें एवं संबंधितों का मासिक परिलब्धि भी दर्ज उपस्थिति के अनुरूप ही करें।

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जिले की समग्र शैक्षणिक प्रगति, कंपोजिट जिला रैंकिंग, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति, आधार एवं अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, आधारभूत संरचना विकास, निपुण भारत मिशन, पीएम-श्री विद्यालयों का क्रियान्वयन, पलाश कार्यक्रम, पीएम-पोषण (मिड-डे मील) योजना, आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास की स्थिति, स्वास्थ्य जांच एवं आयरन-फोलिक एसिड वितरण, सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट रेल के अंतर्गत मासिक मूल्यांकन, यू-डायस एवं एसएमएस रिपोर्टिंग, एनआईएलपी/उल्लास कार्यक्रम, न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों एवं उनके अनुपालन, तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत लंबित अग्रिमों सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति में सुधार, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

पी०एम० पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना अंतर्गत जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटि हेतु बैठक में बिन्दुवार समीक्षा की गई, जिसमें विद्यालयों द्वारा एस०एम०एस० के माध्यम से मध्याहन भोजन संचालन की सूचना उपलब्ध कराने, पी०एम० पोषण (मध्याहन भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रखण्डवार खाद्यान्न वितरण, पी०एम० पोषण (मध्याहन भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 का माहवार ऑन लाईन डाटा एंट्री, प्रखण्ड स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटि की बैठक की समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में किचेन-सह-स्टोर मरम्मति की अद्यतन स्थिति आदि की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गयें। उपायुक्त श्री यादव द्वारा उक्त मामले में संबंधित पदाधिकारियों/कर्मियों/शिक्षकों द्वारा अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य नहीं करने व लापरवाही बरतने को लेकर स्पष्टीकरण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक एवं संबंधित बीईईओ को निर्देश दिया गया। मध्यान भोजन में पोषक आहार एवं पूरक पोषण का वितरण मेनू के अनुसार ही निश्चित रूप से किए जाने की बात कही गई। जिन योजनाओं में पुअर परफॉर्मेंस पाया गया उन्हें उपायुक्त द्वारा शीघ्र लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने की बात कही।
उक्त बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, सभी बीईईओ, बीपीओ/बीपीएम, शिक्षा विभाग के एई/जेई आदि उपस्थित थें।










