गिरिडीह : सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम जीतपुर में विवाद ठहरने का नाम नहीं ले रहा है। बीते हुए समय के साथ यहां पर विवाद और भी गहराता जा रहा है। मनरेगा योजनाओं में तथाकथित मशीनों के इस्तेमाल को लेकर अचानक पंचायत चर्चित हो गया। ग्रामीणों की शिकायत पर गिरिडीह लोकपाल ने पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं का निरीक्षण किया।
मुखिया के खिलाफ हल्ला बोल
जानकारी के अनुसार उन्होंने जाँच रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को अग्रेषित कर दिया है। लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो पाई है। या यूं कहें कि अभी तक यह मामला ठीक से शांत भी नहीं हुआ कि अचानक पंचायत के कुछ ग्रामीणों और मजदूरों ने रविवार को मुखिया के खिलाफ जोरदार हल्ला बोल दिया। लोगों ने एकजुट होकर मुखिया की कार्यशैली का जमकर विरोध किया। लोगों ने मुखिया तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, जेसीबी से काम रोकना होगा, मजदूरों को हक देना होगा जैसे जोरदार नारे लगाते हुए जमकर बवाल काटा।
जानिए विवाद पर क्या बोले मुखिया बीरबल मंडल ?
जीतपुर पंचायत के मुखिया बीरबल मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विरोधियों का षड्यंत्र है। जिसकी सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। विपक्षी अपनी हार को पचा नहीं पा रही है। वह प्लाट में भोले भाले लोगों को बहला-फुसलाकर इस तरह की ऊंची हरकत कर अपनी तुच्छ मानसिकता का परिचय दे रहे हैं। विपक्ष पंचायत में हो रहे विकास के कार्यों को बाधित कर मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करना चाहता है। मैं विकास कार्यों के द्वारा लगातार अपने विरोधियों का मुंह तोड़ जवाब देता रहूंगा।









