रांची : सेना के कब्जे वाली 4 एकड़ 55 डिसमिल जमीन के कथित उत्तराधिकारी जयंत कर्नाड के अधिवक्ता हिमांशु मेहता से ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रही है। ईडी ने अधिवक्ता हिमांशु मेहता को समन जारी कर पूछताछ के लिए आज बुलाया था। वे तकरीबन 10ः55 पर ईडी कार्यालय पहुंचे। हिमांशु मेहता पर जयंत कर्नाड के पक्ष में सेना के कब्जे वाली जमीन से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल यह जमीन स्वतंत्र भारत से सेना के कब्जे में है। सेना उक्त जमीन के कथित रैयत बीएम लक्ष्मणराव को ₹417 प्रतिमाह किराया देती थी, जो बाद में उनके बेटे बीएम मुकुंदराव को मिली। बीएम लक्ष्मण राव का वर्ष 1946 में और बीएम मुकुंदराव का 1998 में देहांत हो गया। इसके बाद सेना किसको किराया देगी इससे संबंधित उत्तराधिकारी सामने नहीं आया।
हिमांशु कुमार मेहता पर क्या है आरोप ?
वर्ष 2006 में सेना ने एक नोटिस जारी कर उक्त जमीन के दावेदार की तलाश शुरू की, सेना ने नोटिस छपवाया की कोई अधिकृत उत्तराधिकारी कागजात के साथ आए और किराया ले। इसी बीच रांची के अधिवक्ता हिमांशु कुमार मेहता ने जयंत कर्नाड से संपर्क किया तब तक जयंत कर्नाड के पास उक्त जमीन या उत्तराधिकारी संबंधित कागजात नहीं थे। 2007 में किराया का दावा करते हुए हिमांशु कुमार मेहता ने जयंत कर्नाड के लिए कागजात तैयार करवाएं और वर्ष 2007 में हाईकोर्ट में जयंत कर्नाड को उक्त जमीन का अधिकारी घोषित करवाते हुए सेना को किराए का दावा किया।
किराए के रूप में ₹50874 का भुगतान
यहां तक कि सेना से उक्त जमीन खाली कराने संबंधित आदेश भी कोर्ट से ले लिया। जयंत कर्नाड के पक्ष में सभी कागजात अधिवक्ता हिमांशु कुमार मेहता ने ही तैयार किए थे। कोर्ट के आदेश पर सेना ने जयंत कर्नाड को वर्ष 1998 से 2008 तक किराए के रूप में ₹50874 का भुगतान किया। जबकि ईडी की जांच में जयंत कर्नाड के पास उत्तराधिकारी होने से संबंधित कोई कागजात नहीं मिले।
जांच में ईडी को क्या मिला ?
ईडी के अनुसंधान में यह खुलासा हुआ है कि जयंत कर्नाड के पक्ष में सेना के कब्जे वाली 4 एकड़ 55 डिसमिल जमीन के कागजात तैयार किए गए थे। इसके बाद अधिवक्ता हिमांशु कुमार मेहता के कहने पर जयंत कर्नाड ने वर्ष 2019 में उक्त जमीन के 16 डीड से 14 खरीदारों को केवल दो करोड़ 55 लाख में जमीन बेच दी। इस राशि से एक करोड़ 29 लाख रुपए उन्होंने विभिन्न खातों में हस्तांतरित करवाया। इसमें हिमांशु कुमार मेहता के खाते में एक करोड़ बीस लाख गए थे।









