झारखंड हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मोटर दुर्घटना में मृत वकील के परिजनों को ₹50.90 लाख मुआवजे की मंजूरी दी है। यह मामला 2018 का है जब एक सड़क दुर्घटना में वकील की मृत्यु हो गई थी। मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग की थी, जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला हाई कोर्ट में पहुंचा, जहां न्यायमूर्ति ने मृतक के परिजनों के पक्ष में फैसला सुनाया।
इस मामले में सरकार का कहना है कि यह फैसला न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे भविष्य में ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय मिलने में मदद मिलेगी। सरकार ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस फैसले से न केवल मृतक के परिजनों को राहत मिली है, बल्कि यह अन्य पीड़ितों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मृतक वकील के परिजनों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए क्योंकि यह उनका अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा कि निचली अदालत का फैसला गलत था और इसे सुधारने की जरूरत थी। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि न्यायपालिका पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।










