झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को राज्य में खाली पड़े संवैधानिक पदों को भरने को लेकर सुनवाई हुई। मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है और अगले 2 हफ्तों में नियुक्ति कर दी जाएगी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि 2 हफ्ते के अंदर नियुक्ति पूरी कर अदालत को इसकी जानकारी दें।
राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का निर्देश दिया है। इसी वजह से सरकार तेजी से इस प्रक्रिया को पूरा करने में लगी है। याचिकाकर्ता के वकील अभय मिश्रा ने अदालत को बताया कि सरकार हर बार यही कहती है कि जल्द नियुक्ति होगी, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड में कई संवैधानिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिनमें लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग के अध्यक्ष के पद शामिल हैं।
अदालत की इस सुनवाई और निर्देश के बाद राज्य सरकार पर नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। अब सरकार को 2 हफ्तों के अंदर इन संवैधानिक पदों पर नियुक्ति करके अदालत को जानकारी देनी होगी। इससे उम्मीद है कि झारखंड में विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा और लंबित मामलों का निपटारा जल्द होगा।










