झारखंड होमगार्ड में 26 कर्मियों को प्रोन्नति मिली है, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसके साथ ही, आठ कर्मियों की प्रोन्नति प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस प्रोन्नति से कर्मचारियों में खुशी की लहर है, क्योंकि यह उन्हें अपने सेवा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगा।
होमगार्ड कमांडेंट के पद पर बहाल होनेवाले अफसरों की प्रोन्नति के मामले को लेकर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। गौरतलब है कि होमगार्ड के कमांडेंट पद पर बहाल होने वाले अफसरों को आमतौर पर प्रोन्नति नहीं मिलती, जबकि राज्य पुलिस सेवा के अफसर प्रोन्नति पाकर आईपीएस संवर्ग में आ चुके हैं। प्रोन्नति न मिलने की स्थिति में, होमगार्ड के अफसर अपने पद पर ही रिटायर हो जाते हैं, जो एक महत्वपूर्ण समस्या है।
होमगार्ड कर्मियों की प्रोन्नति और अफसरों की प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से सेवा में सुधार की उम्मीद है। राज्य सरकार के इस कदम से न केवल कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी। इससे होमगार्ड विभाग को अपने कर्तव्यों को और भी प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी और यह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।










