रांची के नामकुम में स्थित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) कार्यालय की 100 मीटर की परिधि में धारा 163 लागू कर दी गई है। यह निषेधाज्ञा 2 अक्टूबर की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस आदेश के तहत धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आमसभा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है, क्योंकि हाल ही में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा और अव्यवस्था फैलाने की कोशिशें की गई थीं।

JSSC इस मामले की गहन जांच कर रहा है और पुलिस भी पूरी तरह से सतर्क है। पुलिस ने बताया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। छात्रों की मांग है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए। छात्रों का आरोप है कि JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में कई खामियां हैं, जैसे कि प्रश्नपत्र लीक होना, परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था और परिणामों में देरी। वे चाहते हैं कि इन खामियों को दूर किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले को लेकर जनता में भी काफी आक्रोश है। कई लोग इस निषेधाज्ञा को अनुचित मानते हैं और उनका कहना है कि यह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। वहीं, कुछ लोग सरकार के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं और इसे शांति और सुरक्षा के लिए आवश्यक मानते हैं। इससे पहले भी JSSC की परीक्षाओं में धांधली के आरोप लग चुके हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में निराशा और आक्रोश है। जनता का कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया को सुधारना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों।










